: नए थानेदार के लिए स्थितियाँ चुनौती-पूर्णआते ही स्थिति में एक्शन मोड शुरू
Admin
Thu, Nov 7, 2024
तिल्दा-नेवरा |पिछले कुछ समय से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में अनियंत्रित बढ़ोत्तरी के चलते निरंतर तनाव की स्थिति महसूस की जा रही है, मगर नए थानेदार के आते ही सुधार के प्रति उनके तात्कालिक निर्णय देखकर जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं।क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाओं में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी चिंता का विषय बनी हुई है। मारपीट की छूट-पुट घटनाओं के अलावा नगर में हत्या की घटना से काफी दहशत का माहौल बनना और फिर दुर्घटना के बाद ट्रकों में आग लगाने से पूरे क्षेत्र में तनाव निर्मित होना और ऐसे में नए थानेदार का प्रभार सचमुच काँटों के ताज से कम नहीं। इस सबके अलावा सबसे बड़ी चुनौती यहाँ की राजनीति है, जहाँ हर मुहल्ले में एक नेता है। किसी अपराधी की नकेल कसने से पहले थाने पर फोन खन-खना उठता है या उसे छुड़ाने कोई न कोई छुटभैया नेता पहुँच जाता है। ऐसे राजनीतिक दबाव और ऐसी परिस्थितियों में टी.आई. सत्येंद्र सिंह श्याम ने प्रभार लेते ही हर दृष्टि-कोण से क्षेत्र का शान्ति-पूर्वक अवलोकन करने के बाद तत्काल प्रभाव से अपनी अपराध-नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर ही दी है, साथ ही कुछ मूलभूत समस्याओं को देखते हुए सुधार की दिशा में भी कदम उठाने का काम शुरू कर दिया है। दुर्घटनाओं की संख्या और कारणों का अवलोकन करते हुए जगह-जगह ट्रकों की पार्किंग पर रोक लगाई जा रही है। ट्रकों की कतारों से सड़क जाम होने के अलावा,दूसरी तरफ से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते और गली से निकलने वाले दुपहिया वाहन कई बार इनकी चपेट में आ जाते हैं। साथ ही ट्रैफिक में सुधार और जनता को सुरक्षित ट्रैफिक के नियमों से अवगत कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।हमारी रिपोर्टर टीम की आमने-सामने टी आई से मुलाकात नहीं हो पाई है। मगर नगर की गतिविधियों से चोरियों और अप्रिय वारदातों पर नियंत्रण के लिए भी कठोर कदम उठाने की शुरुआत नजर आ रही है। पिछले थानेदारों के मामले में कुछ खुशामद करने वालों की गलत सलाह और ओवर-कॉन्फिडेंस भी अपराध-नियंत्रण की असफलता का कारण रहा है। क्षेत्र में खुले-आम अवैध शराब बिक्री और जोरों से चल रहे सट्टे के कारोबार पर नियंत्रण की बजाय उनके सरगनाओं को संरक्षण भी मिलता रहा है, उन पर लगाम लगाना भी काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है। जनता में फुसफुसाहट है कि यह थानेदार भी दूसरे थानेदारों की तरह आगे चलकर चुपचाप बैठ जाएंगे, या अपना ट्रांसफर कहीं और करवा लेंगे या फिर सफलता का एक नया उदाहरण पेश करेंगे। लेकिन उम्मीद से दुनिया कायम है, ऐसे में आम जनता को नए थानेदार से सुधार की काफी उम्मीदें हैं।
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