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: आरक्षण : राज्यपाल सचिवालय को नोटिस पर रोक

Admin

Sun, Feb 12, 2023
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने शुक्रवार को आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर न करने के मामले में राज्यपाल सचिवालय को पूर्व में जारी नोटिस पर रोक लगा दी है | इसी एकल पीठ ने गत सप्ताह सचिवालय को नोटिस देकर जवाब तलब किया था | गुरुवार को ही राजभवन के अंतरिम आवेदन पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था | इस मामले में कल गुरुवार को जस्टिस रजनी दुबे की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई | राजभवन की ओर से पेश अंतरिम आवेदन में कहा गया कि, संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत राज्य शासन द्वारा राज्यपाल के खिलाफ याचिका दायर नहीं की जा सकती और न ही हाईकोर्ट राज्यपाल को नोटिस जारी कर सकता | राष्ट्रपति और राज्यपाल अपने कार्यालयों की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग के लिए किसी भी न्यायालय के प्रति जवाबदेह नहीं है | राज्यपाल के सचिव की ओर से पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बी गोपाकुमार ने पैरवी करते हुए अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया | इसमे राज्यपाल सचिवालय के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने और हाईकोर्ट के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई | वहीँ राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने पक्ष रखा | अटके आरक्षण विधेयक पर मुख्यमंत्री नाराज छत्तीसगढ़ विधानसभा से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग को 76 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का विधेयक पारित होने के बाद से ही विवाद छिड़ा हुआ है | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार राज्यपाल अनुसुईया उईके से आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर करने कई बार आग्रह कर चुकी है | जवाब में राज्यपाल ने सरकार से कुछ सवाल पूछे थे | प्रदेश सरकार उन सवालों के जवाब भी दे चुकी है | वर्तमान में आरक्षण विधेयक राजभवन में ही लंबित है | मुख्यमंत्री बघेल इस मामले में राजनीति किए जाने तक आरोप लगा चुके हैं |

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