: गर्मी में पंजाब से उधार की बिजली से छत्तीसगढ़ की पूरी होगी डिमांड
Admin
Thu, Feb 9, 2023
कई बड़े पावर कंपनियों से और बिजली खरीदी की तैयारी
कोरबा | प्रदेश में पीक आवर (मार्च से मई) में बिजली की डिमांड पूरी करने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने पंजाब राज्य से दो सौ मेगावॉट बिजली उधार में लेने के लिए करार किया है | छत्तीसगढ़ पंजाब से बिजली लेगी, और ठंड सीजन में बिजली लौटाएगी | प्रदेश में आगामी चार महीने बिजली की डिमांड छह हजार मेगावॉट जाने की संभावना है | केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की 20वें इलेक्ट्रिक सर्वे रिपोर्ट ने भी डिमांड बढ़ने की आशंका जताई है | डिमांड को पूरा करने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारी हरकत में आ गए हैं | कई बिन्दुओं पर काम करना शुरू कर दिया है | पंजाब राज्य से दो सौ मेगावॉट बिजली लेने के लिए कवायद चल रही थी | इस पर सहमति भी बन गई है | पंजाब से आगामी तीन महिने से दो सौ मेगावॉट बिजली छत्तीसगढ़ को मिलेगी | छत्तीसगढ़ को ब्याज स्वरूप करीब सवा दो सौ मेगावॉट बिजली पंजाब की देनी होगी |
प्रदेश में बिजली के उत्पादन और खपत की वर्तमान स्थिति
प्रदेश में उत्पादन कंपनी के संयत्रों की कुल क्षमता 2840 मेगावॉट है | क्षमता के मुताबिक बिजली नहीं बन रही है | यूनिटों से अधिकतम 22 सौ मेगावॉट तक बिजली बन रही है | पिछले कुछ दिनों से डिमांड 4800 से 5 हजार के करीब जा पहुंची है | इस स्थिति में सेन्ट्रल सेक्टर पर निर्भरता बढ़ गई है | नॉन पीक सीजन में अभी सेन्ट्रल सेक्टर से 26 सौ मेगावॉट बिजली खरीदी जा रही है | कंपनी ने अनुमान लगाया है कि पीक में मांग अगर 5700-5800 मेगावॉट तक जाती है तो 4 हजार मेगावॉट बिजली की जरूरत पड़ सकती है |
इधर मड़वा संयंत्र में कोयले की कमी के कारण यूनिट बंद
इधर मड़वा संयंत्र की पांच सौ मेगावॉट क्षमता की एक यूनिट कोयले की कमी के कारण बीते एक सप्ताह से बंद रखी गई है | दूसरी इकाई से उत्पादन हो रहा है | बताया जा रहा है संयंत्र को मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है | अधिकारियों के मुताबिक स्टॉक को मेंटेन कर दूसरी इकाई को चलाया जा रहा है |
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