BREAKING NEWS

तिल्दा के बाबा गुरमुखदास दरबार में अमृतवेला परिवार ने मनाया स्वतंत्रता दिवस

प्लास्टिक बोतलों को छोड़ स्टील बोतलों के इस्तेमाल का संदेश देगी जेसीआई रायपुर मेट्रो

बहेरसर–तुलसी मार्ग सहित 2.53 करोड़ के विकास कार्यों का होगा भूमि पूजन एवं लोकार्पण,

देवरी पंचायत में कथित फर्जी NOC मामला गरमाया, एफआईआर नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

तिल्दा-नेवरा में अवैध शराब का जाल! लगातार हो रही मौतों के बाद भी नहीं थम रहा कारोबार, हर चौक-चौराहे पर चर्चा

Advertisment

: छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों ने की राष्ट्रपति से मुलाकात

बस्तर.

छत्तीसगढ़ की झांकी बस्तर के आदिम जनसंसद मुरिया दरबार में शामिल लोक कलाकारों ने आज रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने प्रदेश की झांकी और सभी कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। राष्ट्रपति से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन पहुंचे कलाकारों ने भी इस खास मौके पर अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस की परेड देश की नारी शक्ति को समर्पित है।

देश के विभिन्न राज्यों की झांकियों में विकसित और सशक्त भारत की झलक दिखी। छत्तीसगढ़ की झांकी में लोकतंत्र की जननी विषय पर जनजातियों की आदिम संसद का प्रदर्शन किया गया था। इससे देश के अन्य राज्यों को भी जनजाति समाज की परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी मिली होगी। लोकतंत्र की आदिम व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को भी इस झांकी में प्रमुखता से दिखाया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में भारत की अनेकता में एकता का दर्शन देश-दुनिया ने किया है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार एक-दूसरे राज्यों के रीति-रिवाज और वहां के सांस्कृतिक वैभव से परिचित हुए होंगे। छत्तीसगढ़ की अपनी अलग पहचान और विशिष्ट परंपराएं हैं जिसके बारे में देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को भी जानकारियां मिली होंगी।

आप सब कलाकारों ने अन्य राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों से बहुत कुछ सीखा होगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने कलाकारों से कहा कि भारत की संस्कृति दुनिया के लिए एक मिसाल बने इसके लिए हमें सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ी को सौंपना होगा, यह दायित्व आप सब पर है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें