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: 1200 ग्राम पंचायत बचाएंगी जैव विविधता की विरासत वनौषधियों के संरक्षण और संवर्धन की मिलेगी जिम्मेदारी

Admin

Wed, Feb 15, 2023
रायपुर | छत्तीसगढ़ में जैव विविधता को बचाने के लिए 1200 ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है | वन विभाग द्वारा जल्द ही उन्हें प्रशिक्षण के साथ ही संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे | ताकि विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन किया जा सके | इसके लिए उन्हें रजिस्टर दिया जाएगा | इसमें वह अपने क्षेत्र के जैव विविधता की पंजी तैयार करेंगे | साथ ही जैव विविधता को नुकसान से बचाने के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे | जंगलो में बड़ी संख्या में वन्य प्राणियों, वेटलैंड और फॉसिल्स पार्क, पक्षियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था | इसे देखते हुए ग्राम पंचायत को जोड़ा गया है | यहां जैव विविधता के लिए काम करने वाले सदस्यों के माध्यम से संरक्षण किया जाएगा | प्रोत्साहित करने पुरस्कृत जैव विविधता के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों, छह संस्थाओं और जैव विविधता समितियों को पुरस्कृत किया जाता है | इसके तहत विजेताओं को प्रमाण पत्र तथा प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपए की राशि और संस्थाओं को 50 हजार रुपए की राशि वितरित की जाती है | इनका संरक्षण होगा वन्य प्राणियों, पालतू प्रजातियों के संरक्षण, जैव संसाधनों का पोसणीय उपयोग, वन औषधि, सभ्यता संस्कृति एवं धरोहर, फॉसिल पार्क, आंद्रभूमि और पक्षियों के साथ ही जंगलो में बहुमूल्य वन संपदा को बजाया जा सके | वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैव विविधता का संरक्षण और संवर्धन पर्यावरण संतुलन के लिए बहुत जरुरी है | इसके असंतुलन से बाढ़ सूखा, तूफान जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ता है | बता दे कि राज्य में जैव विविधता बोर्ड का गठन वर्ष 2006 में किया गया था | लेकिन इसके काम को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2020 में इसका पुनर्गठन किया गया है |

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