: ब्रिटेन की कंपनी बनाएंगी खतरनाक पनडुब्बी
Tue, Oct 3, 2023
लंदन.
यूनाइटेड किंगडम (यूके) को एक बड़ा कॉन्टैक्ट हाथ लगा है। ब्रिटेन की तीन कंपनियों को हमलावर पनडुब्बी बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। यह कॉन्ट्रैक्ट त्रिपक्षीय AUKUS सिक्योरिटी समझौते में यूके की भागीदारी के हिस्से के रूप में नई पीढ़ी की हमलावर पनडुब्बियों के विकास और निर्माण की सुविधा के लिए निर्धारित है।
दरअसल, ब्रिटेन ने ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के साथ देश के AUKUS कार्यक्रम के हिस्से के रूप में परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी के डिजाइन और निर्माण के लिए तीन कंपनियों को चार अरब पाउंड यानी 4.9 अरब डॉलर का ठेका दिया है। पहली पनडुब्बियां 2030 के दशक के अंत में ब्रिटेन में तैनात होंगी और पहली ऑस्ट्रेलियाई पनडुब्बियां 2040 के दशक की शुरुआत में पहुंचेंगी।
रिपोर्ट के अनुसार, AUKUS संधि तीन देशों संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है। इसका उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया को उन्नत परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियां प्रदान करना है। इन पनडुब्बियों को 2030 के दशक की शुरुआत में तैनात किया जाना है और इनका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करना है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि बीएई सिस्टम्स, रोल्स-रॉयस और बैकॉक के साथ अनुबंध ब्रिटेन और त्रिपक्षीय AUKUS कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है। एसएसएन-एयूकेयूएस के नाम से जानी जाने वाली नई पनडुब्बियां रॉयल नेवी द्वारा संचालित अब तक की सबसे बड़ी, सबसे उन्नत और सबसे शक्तिशाली हमलावर पनडुब्बियां होंगी।
बता दें, एसएसएन-एयूकेयूएस की योजनाओं का अनावरण मार्च में ऑस्ट्रेलिया, यूके और यूएस के नेताओं द्वारा किया गया था और यह तब हुआ जब तीनों देशों ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन का मुकाबला करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है।
AUKUS के पीछे का उद्देश्य
AUKUS में 2028 तक विकास कार्य शामिल होंगे, जिससे BAE सिस्टम्स को पनडुब्बी कार्यक्रम के विस्तृत डिजाइन फेज को शुरू करने और लंबी अवधि की वस्तुओं की खरीद शुरू करने में सक्षम बनाया जाएगा। BAE सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी चार्ल्स वुडबर्न ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट हमारे यूके पनडुब्बी बिजनेस को सरकार के समर्थन को मजबूत करता है और हमें डिजाइन को परिपक्व करने और महत्वपूर्ण स्किल और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने की अनुमति देता है। इस प्रयास का प्राथमिक फोकस AUKUS के नीचे अत्याधुनिक शिकारी पनडुब्बियों का एक बेड़ा बनाना है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ग्रांट शॉप्स ने कहा कि ये पनडुब्बियां रॉयल नेवी को सशक्त बनाएंगी।
: अमेरिका बोले- निज्जर हत्याकांड में कनाडा से समन्वय बनाए भारत
Tue, Oct 3, 2023
वॉशिंगटन.
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड को लेकर भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय और राजयनिक संबंधों में खटास बरकरार है। वहीं, निज्जर हत्याकांड की जांच को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर अपने रुख को दोहराया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि बाइडन प्रशासन ने कई मौकों पर भारत सरकार से खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या मामले की जांच में कनाडा के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।
विदेश विभाग के प्रवक्ता मिलर ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हम इस मामले को लेकर कनाडा के सहयोगियों के साथ करीबी संपर्क बनाए हुए हैं और उनके साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हमने कनाडा की ओर से चल रही जांच में सहयोग करने के लिए कई मौकों पर भारत सरकार से बातचीत की है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बीते शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ अपनी बैठक में इस मुद्दे पर बातचीत की थी। क्या भारत कनाडा के साथ जांच में सहयोग करने के लिए सहमत हो गया है, इस सवाल के जवाब में मिलर ने कहा कि इसका जवाब नई दिल्ली को देना है। साथ ही उन्होंने कहा, भारत सरकार को अपना पक्ष रखने का हक है। हमारी सरकार भी इस पर अपनी जिम्मेदारी
निभाएगी। हम फिर से जांच में सहयोग करने की अपील दोहराते हैं।
जयशंकर और ब्लिंकन की मुलाकात में उठा था मुद्दा
विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में एंटनी ब्लिंकन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। कहा गया था कि इस दौरान ब्लिंकन ने जयशंकर से कनाडा के आरोपों को लेकर बातचीत की थी और इस मुद्दे को लेकर अमेरिका की चिंताओं से अवगत कराया था। बता दें, हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हुई खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में भारत के सरकारी एजेंट शामिल हैं। ट्रूडो के इस बयान के बाद भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
: न्यूजर्सी में अक्षरधाम मंदिर का उद्घाटन
Tue, Oct 3, 2023
न्यूजर्सी.
रॉबिन्स विले शहर में बहुत जल्द ही अक्षरधाम मंदिर खुलने वाला है। यह बनकर तैयार हो चुका है। आठ अक्तूबर को मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। ऐसे में सभी लोग उत्साहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक ने शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजर्सी में अक्षरधाम के आगामी उद्घाटन समारोह के संबंध में अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने रॉबिंसविले में बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम को लिखे एक पत्र में कहा, ‘मुझे अक्षरधाम महामंदिर के उद्घाटन समारोह के बारे में जानकर खुशी हुई।
यह दुनिया भर में भक्तों की विशाल संख्या के लिए गहन आध्यात्मिक महत्व का अवसर है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र में आगे कहा कि मंदिर सदियों से सेवा और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहे हैं। वे न केवल भक्ति के केंद्र हैं बल्कि कला, स्थापत्य उत्कृष्टता, साहित्य और ज्ञान को अभिव्यक्ति देने के लिए मंच के रूप में भी काम करते हैं। ऐसे गहन सांस्कृतिक सिद्धांत पीढ़ियों से मानवता का मार्गदर्शन करते रहे हैं। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था और इस पहल में शामिल सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि अक्षरधाम महामंदिर का उद्घाटन समारोह भारतीय वास्तुकला उत्कृष्टता और हमारी गौरवशाली प्राचीन संस्कृति और लोकाचार को दिखाता है। इससे प्रवासी भारतीयों, विशेष रूप से युवाओं के बीच मां भारती से जुड़ने और उस पर गर्व करने के लिए एक संबंध स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका एक स्थायी संबंध साझा करते हैं और दोनों देशों ने इन संबंधों को एक मजबूत, बहुआयामी संबंध में विकसित और व्यापक बनाया है। इससे उनके लोगों के बीच व्यापक बातचीत को बढ़ावा मिला है।
मंदिर की सुंदरता से चकित
ब्रिटिश प्रधानमंत्री सुनक, जिन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान नई दिल्ली के अक्षरधाम का दौरा किया, ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, 'हम इस मंदिर की सुंदरता से चकित और आश्चर्यचकित थे। यह शांति, सद्भाव तथा एक बेहतर इंसान बनने का सार्वभौमिक संदेश हैं।’ उन्होंने कहा, 'यह न केवल पूजा स्थल है, बल्कि एक मील का पत्थर है जो दुनिया में भारत के मूल्यों, संस्कृति और योगदान को भी चित्रित करता है। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ने कहा कि 30 सितंबर से महंत स्वामी महाराज की उपस्थिति में रॉबिंसविले में बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम का बहुप्रतीक्षित उद्घाटन समारोह चल रहा है।
आठ को होगा उद्घाटन
बिंसविले में अक्षरधाम का बहुप्रतीक्षित भव्य उद्घाटन समारोह आठ अक्तूबर को होने वाला है, जो पूरे उत्तरी अमेरिका में 12,500 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा 12 वर्षों के समर्पण के बाद एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अक्षरधाम परिसर का केंद्रबिंदु बनने के लिए तैयार पत्थर का महामंदिर, शिल्प कौशल और भक्ति का चमत्कार है, जो आध्यात्मिक महत्व के साथ जटिल कलात्मकता का भी मिश्रण है। वैश्विक स्तर पर बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम हिंदू कला, वास्तुकला और संस्कृति के मील के पत्थर के समान हैं। यह मंदिर आध्यात्मिक और सामुदायिक केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं, जो सभी धर्मों और पृष्ठभूमि के लोगों के लिए खुले हैं। जर्सी में अक्षरधाम विश्व स्तर पर तीसरा ऐसा सांस्कृतिक परिसर है। पहला अक्षरधाम 1992 में भारत के गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बनाया गया था। इसके बाद 2005 में नई दिल्ली में अक्षरधाम बनाया गया था।