: मुझे किसी से बदला नहीं लेना : नवाज
Sun, Oct 22, 2023
नई दिल्ली.
नवाज शरीफ ने शनिवार को चार साल बाद पाकिस्तान की धरती पर कदम रखा। यहां लाहौर में अपनी पहली रैली के दौरान शरीफ ने कहा कि राजनीति के कारण उन्होंने अपनी मां और पत्नी को खो दिया। लेकिन वह किसी से बदला लेने के लिए पाकिस्तान नहीं पहुंचे हैं। नवाज के भाषण में उनके तेवर बदले हुए जरूर नजर आए लेकिन भारत को लेकर उनकी बयानबाजी में कोई फर्क नहीं दिखा। नवाज ने भारत के साथ "अच्छे संबंध" की वकालत तो की लेकिन, एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। नवाज ने कहा कि वह पड़ोसी देश के साथ अच्छे संबंध स्थापित करते हुए कश्मीर मुद्दे को शालीनता से हल करना चाहते हैं। 73 वर्षीय पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ ने ब्रिटेन में चार साल का आत्म-निर्वासन समाप्त कर देश लौटने के तुरंत बाद लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान में अपनी पहली रैली को संबोधित किया। नवाज और उनकी पार्टी रैली से पहले ही तैयार नजर आई। पाकिस्तान के दो बार पीएम रह चुके नवाज शरीफ के स्वागत के लिए हुकूमत ने पूरा जोर लगा दिया। नवाज का गैंड वेलकम किया गया। नवाज ने रैली में पहले अपने भाषण कई बिन्दुओं पर बात की। अपनी बात रखते हुए वह भावुक भी नजर आए।
किसी से बदला नहीं लेना
पाकिस्तान के तीन बार के पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ लंदन में चार साल का आत्म-निर्वासन समाप्त कर शनिवार को स्वदेश पहुंचे और अपने गृहनगर लाहौर में मीनार-ए-पाकिस्तान में एक विशाल रैली के साथ आम चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक यात्रा फिर से शुरू की। उन्होंने रैली में कहा, ''मुझे बदला लेने की कोई इच्छा नहीं है और मैं केवल जनता की भलाई चाहता हूं।'' 73 वर्षीय पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज प्रमुख एक चार्टर्ड विमान में 150 से अधिक लोगों के दल के साथ दुबई से इस्लामाबाद पहुंचे। नवाज शरीफ ने रैली में भावुक होते हुए कहा कि राजनीति की वजह से मेरी मां और पत्नी मुझे छोड़कर हमेशा के लिए चले गए।
भारत से अच्छे संबंधों की दुहाई, फिर कश्मीर राग अलापा
नवाज ने कहा, “हम एक स्वतंत्र और व्यापक विदेश नीति चाहते हैं। हम दुनिया के साथ अनुग्रह और समानता का व्यवहार करना चाहते हैं। हम पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करके पाकिस्तान को एक आर्थिक शक्ति बनाना चाहते हैं। दूसरों से लड़कर या संघर्ष करके पाकिस्तान का विकास नहीं किया जा सकता। मैं बदले में नहीं विकास में विश्वास रखता हूं।'' न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, नवाज शरीफ ने कहा कि वह भारत के साथ अच्छे संबंध स्थापित करना चाहते हैं। लेकिन, उन्होंने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। उन्होंने कहा कि वो शांति के माध्यम से कश्मीर का मुद्दा हल करना चाहते हैं।
पाकिस्तानी आवाम को दिखा रहे सपने
नवाज ने आगे कहा, “अगर पाकिस्तान पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से अलग नहीं हुआ होता, तो भारत से होकर गुजरने वाला एक आर्थिक गलियारा होता। हम पाकिस्तान के विकास के लिए पड़ोसियों और दुनिया के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना चाहते हैं। पाकिस्तान की खातिर, सभी राजनीतिक संस्थाओं और संस्थानों (सेना और न्यायपालिका) को संविधान का सच्ची भावना से पालन करना होगा।”
: इजरायल ने फिलिस्तीनियों को दे दी अंतिम चेतावनी, गाजा खाली करो नहीं तो...
Sun, Oct 22, 2023
तेल अवीव
हमास के हमले के बाद से ही इजरायल लगातार गाजा पर पलटवार कर रहा है। इजरायल की तरफ से कई बार उत्तरी गाजा को खाली करने की चेतावनी दी जा चुकी है। हालांकि यहां के लोगों के पास भागने के लिए भी जगह नहीं है। इजरायल की सेनाएं जमीनी ऑपरेशन के लिए सीमा पर खड़ी हैं। अब इजरायल ने उत्तरी गाजा को खाली करने की अंतिम चेतावनी दे दी है। इजरायल की सेना ने कहा है कि उत्तरी गाजा कि आम लोग उत्तरी गाजा को खाली कर दें नहीं तो उन्हें भी आतंकियों का सहयोगी मान लिया जाएगा और साफ कर दिया जाएगा।
इजरायल की सेना ने कहा, यह अर्जेंट वॉर्निंग है। उत्तरी गाजा में रहकर तुम लोग अपनी जान को खतरे में डाल रहे हो। जो लोग भी उत्तरी गाजा से दक्षिणी गाजा में शिफ्ट नहीं होंगे उन्हें आतंकवादी मानकर कार्रवाई की जाएगी। इजरायल की सेना ने कहा कि वह नहीं चाहती है कि किसी भी हालत में आम लोगों की जान जाए इसलिए लगातार कई दिनों से चेतावनी दी जा रही है लेकिन इसे अंतिम चेतावनी मान लिया जाए।
सेना की तरफ से एक बयान में कहा गया कि उसने आम लोगों को कभी निशाना नहीं बनाया बल्कि उन्हीं जगहों पर एयरस्ट्राइक की गई है जहां आतंकी ठिकाने थे। गाजा के लोग दक्षिणी गाजा की तरफ जाने से इसलिए कतरा रहे हैं क्योंकि वहां भी उन्हें एयरस्ट्राइक का डर है। उनका कहना है कि जो भी उनके परिवार या रिश्तेदारी के लोग दक्षिण गाजा में गए वे इजरायली हमले में मारे गए।
बता दें कि सात अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने इजरायल में घुसपैठ करके कम से कम 1400 लोगों को मार डाला था। इसके बाद इजरायल ने भी गाजा पर पलटवार किया और बड़े इलाके को तबाह कर दिया। इसके अलावा इजरायल ने सख्ती दिखाते हुए गाजा को होने वाली फ्यूल और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई भी रोक दी। अब यूएन के पहले के बाद मिस्र के रास्ते गाजा को मदद मिलनी शुरू हुई है। भारत ने भी गाजा के आम लोगों के लिए मदद भेजी है। हालांकि इजरायल की सेना जमीनी ऑपरेशन के लिए तैनात है। पीएम बेेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि वह हमास को नेस्तनाबूद कर देंगे।
: चीनी मिसाइलों की जद में होगा अमेरिका, भारत को भी टेंशन
Sun, Oct 22, 2023
नई दिल्ली.
पेंटागन की रिपोर्ट में चीन की परमाणु शक्ति को लेकर बड़ा दावा किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के पास इस समय कम से कम 500 परमाणु हथियार हैं। वहीं 2030 तक इनकी संख्या बढ़कर 1000 हो सकती है। इससे पहले पेंटागन ने 2021 में रिपोर्ट जारी की थी और कहा था कि चीन ने 400 परमाणु हथियार जुटा लिए हैं। इसमें कहा गया है कि चीन ने 2022 में तीन भूमिगत फील्ड्स बनाई हैं और इसमें 300 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें रखी गई हैं। इसके अलावा चीन ऐसी मिसाइलें डिवेलप कर रहा है जिनकी रेंज अमेरिका तक हो सकती है।
दूसरे देशों में भी बढ़ा रहा सैन्य ताकत
चीन दूसरे देशों में भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लगा है। वह लगातार सेना के बेस बना रहा है। हालांकि उसके बेस अभी अमेरिका के मुकाबले बहुत कम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने लॉजिस्टिक फैसिलिटी के लिए म्यांमार, थाइलैंड, यूएई, केन्या, नाइजीरिया, नामीबिया, मोजांबिक, बांग्लादेश, पपुआ न्यू गिनी, सोलोमन आइलैंड और ताजिकिस्तान में बेस बनाए हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी नेता
चीन की नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नेवी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के पास 370 जहाज और सबमरीन हैं। बीते साल इनकी संख्या 340 थी।यानी एक साल में ही 30 युद्धपोत बढ़ गए हैं। 2030 तक चीन का प्लान है कि वह पोतों की संख्या 435 तक पहुंचा दे। बता दें कि चीन हमेशा ही अमेरिका के साथ सैन्य वार्ता का विरोध करता रहा है। उसने अमेरिका से कभी मदद नहीं मांगी लेकिन इस बार सूडान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए उसके अमेरिका से मदद ली है।
भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती
चीन लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश के साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारत की सीमा के आसपास भी वह तेजी से निर्माण कर रहा है। ऐसे में चीन की सैन्य ताकत में इस तरह की बढ़ोतरी भारत के लिए भी चिंता का विषय है। भारत की नौसेना के पास चीन के लगभग आधे ही जंगी जहाज और सबमरीन हैं। हालांकि थल सेना के मामले में भारतीय सेना बहुत ही मजबूत है। गलवान घाटी हो या अरुणाचल प्रदेश चीन ने जब भी हरकत की है तो इधर से माकूल जवाब दिया गया है।