: एक नवंबर से होने जा रहे ये बड़े बदलाव, जानिए त्योहारी सीजन में कितना बढ़ेगा आपका खर्च
Wed, Nov 1, 2023
नई दिल्ली
देश में हर महीने की पहली तारीख को कई बड़े बदलाव होते हैं। ये बदलाव सीधा आम आदमी की जेब पर असर डालते हैं। अक्टूबर का महीना खत्म होने वाला है। इसके बाद नवंबर महीने की शुरुआत हो जाएगी। एक नवंबर को देश में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर आपके घर के बजट पर होता है। हर महीने की पहली तारीख को गैस की कीमतें भी तय होती हैं। इस बार ई-चालान और कुछ प्रोडक्ट के इंपोर्ट के नियमों में भी बदलाव होने जा रहा है। यहां हम आपको एक तारीख से होने जा रहे सभी बदलावों की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इससे आपको किसी तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। आइए आपको बताते हैं इन बदलावों के बारे में।
रसोई गैस के दाम
हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों को तय किया जाता है। हर महीने की पहली तारीख को नई कीमतों का ऐलान होता है। ऐसा भी हो सकता है कि सरकार कीमतों में बदलाव न करे। वहीं एनआईसी ने इस बात की जानकारी दी है कि 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के कारोबार वाले बिजनेस को एक नवंबर से 30 दिनों के भीतर ई-चालान पोर्टल पर जीएसटी चालान को अपलोड करना होगा।
इंपोर्ट की डेडलाइन
30 अक्तूबर तक सरकार ने एचएसएन 8741 कैटेगरी के अंदर आने वाले लैपटॉप, टैबलेट और कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर छूट दी थी। हालांकि, एक नवंबर से सरकार इसको लेकर नियमों में बदलाव करेगी या नहीं? इस विषय पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।
लेनदेन शुल्क
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने बीते 20 अक्टूबर को ऐलान किया था कि वह 1 नवंबर से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट पर लेनदेन शुल्क बढ़ाएगा। ये बदलाव एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स ऑप्शंस पर लगाए जाएंगे। लेनदेन की लागत बढ़ाने से व्यापारियों इसमें भी विशेषकर खुदरा निवेशकों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
KYC की अनिवार्यता
1st November Rule Changes :
1 नवंबर से इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी बीमा धारकों को केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। इसका आपके क्लेम पर असर पड़ेगा। यदि आप नियम का पालन नहीं करते हैं तो आपका क्लेम रद्द कर दिया जाएगा।
बड़े बिजनेस के लिए जीएसटी बदलाव
1st November Rule Changes :
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के मुताबिक 100 करोड़ रुपए और उससे ज्यादा के कारोबार वाले बिजनेस को एक नवंबर से 30 दिनों के अंदर ई-चालान पोर्टल पर जीएसटी चालान अपलोड करना। अर्थारिटी ने यह निर्णय सितंबर में लिया था, जो एक नवंबर को लागू हो रहा है।
लैपटॉप इम्पोर्ट को लेकर डेडलाइन
1st November Rule Changes :
भारत सरकार ने 30 अक्टूबर तक एचएसएन 8741 कैटेगरी के तहत आने वाले लैपटॉप टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर और कई इलेक्ट्रॉनिक चीजों के इंपोर्ट पर छूट दी है। हालांकि एक नवंबर से क्या होगा इसके बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
लेन-देन पर देना होगा चार्ज
1st November Rule Changes :
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 20 अक्टूबर को कहा था कि नवंबर की पहली तारीख से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट पर लेनदेन शुल्क बढाने जा रहे है। यह बदलाव एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स ऑप्शंस पर लगाए जाएंगे। लेनदेन की लागत बढ़ाने से इसका व्यापारियों पर असर पड़ेगा।
एलआईसी पॉलिसी
अगर आपकी कोई भी एलआईसी पॉलिसी बंद हो गई है तो उसे आप 31 अक्टूबर तक चालू करा सकते हैं। पॉलिसी को 31 तारीख तक बिना किसी समस्या के शुरू कराया जा सकता है।
: माता का स्वाह अंग गिरने से यह स्वाहा शक्तिपीठ के रूप में स्थापित, 108 सिद्धपीठों में शामिल
Sun, Oct 22, 2023
खरगोन
मां भगवती की 108 सिद्धपीठ में मध्यप्रदेश की विंध्यवासिनी स्वाहा महेश्वरी देवी का मंदिर भी शामिल है. क्षेत्र में भवानी माता के नाम से यह मंदिर प्रसिद्ध है. माता का यह मंदिर एमपी के खरगोन जिले की पवित्र एवं पर्यटन नगरी महेश्वर के भवानी चौक में मौजूद है. श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र इस मंदिर में शारदीय नवरात्रि में माता के दर्शन के लिए दूर – दूर से भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है. मंदिर में विराजित लगभग तीन फिट ऊंची मां भवानी की प्रतिमा काले पाषाण के पत्थर से निर्मित होकर माता की सवारी शेर की प्रतिमा भी काले पत्थर से बनी हुई है. 16 हाथ यानी नौ मीटर की साड़ी माता को लगती है.
विंध्यवासिनी स्वाहा महेश्वरी देवी का यह मंदिर काफी प्राचीन है. हैहय राजवंशमें भी मंदिर का जिक्र होता है. मत्स्य पुराण के 13वें अध्याय में वर्णित 108 सिद्धपीठ में यह मंदिर शामिल है. माता का स्वाह अंग यहां गिरने से यह स्वाहा शक्तिपीठ के रूप में स्थापित हुई है. देवीय पुराण में भी मंदिर का उल्लेख मिलता है. होलकर स्टेट में देवी अहिल्या बाई होलकर द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है, अब यह मंदिर खासगी ट्रस्ट के अधीन है.
दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
कलाकृतियों से तराशे गए स्तंभों और मेहराबो से सुसज्जित भव्य सभा मंडप तथा सुघड़ पत्थरों से मढ़ा माता का गर्भ गृह है. मान्यता है की विश्व की पंचपुरियो में यह मंदिर शामिल है. नवरात्रि में माता की भक्तों पर विशेष कृपा बरसती है. इसीलिए शारदीय नवरात्रि में हर दिन हजारों की तादात में भक्त माता के दर्शन के लिए आते है. किवदंती है की यहां दर्शन करने वालो भक्तों को तीन प्रहर में तीन अलग अलग रूपो में दर्शन होते है. मान्यता यह भी है की यहां मांगी हुई कोई भी मुराद खाली नहीं जाति.
भवानी चौक में हो रहे आकर्षक गरबा नृत्य
इसी मंदिर के प्रांगण यानी भवानी चौक में हर साल की तरह इस साल भी नवरात्रि में भव्य रूप में सार्वजनिक गरबा महोत्सव मनाया जा रहा है. नौ दिनों तक स्थानीय सहित बाहर के अलग अलग गरबा नृत्य दलों द्वारा गरबा प्रसूतियां दी जा रही है. गरबा देखने वालो की शहर में सबसे ज्यादा भीड़ यहीं लगती है. परंपरागत यहां पुरषों द्वारा निमाड़ी में गरबिया गाई जाति है, झांझ, मंजीरा और ढोल पर ढाप दी जाती है. इन्ही गरबियो पर बालिकाएं गरबा नृत्य करती है.
मनोरंजन के लिए लगा है मेला
नवरात्रि में यहां कई वर्षो से मेले का भी आयोजन हो रहा है. इस बार मेहतवाड़ा रोड़ पर लगे नौ दिवसीय मेले में 150 से ज्यादा विभिन्न सामग्री की दुकानें लगी है. इन दुकानों पर घरेलू सामान सहित बच्चो के खिलौने, खाने पीने के आयटम, मनोरंजन के लिए खेल शामिल है. मेले में हर आयटम सस्ता मिल रहा है. इसके अलावा बच्चो और बड़ो के लिए यहां हवा झूला, ड्रेगन झूला, ब्रेक डांस, हेलीकॉप्टर, कार, मिक्की माउस जैसे कई तरह के झूले लगे हुए है.