: चुनावी परिणामों में कितना सही साबित हुआ गैरकानूनी सट्टा बाजार?
Sun, Dec 3, 2023
नईदिल्ली
क्रिकेट हो या इलेक्शन, सट्टा बाजार हमेशा गरम रहता है. खेल और राजनीति में अक्सर अप्रत्याशित परिणाम आते हैं, यही वजह है कि दोनों सट्टा बाजार के लिए मुफीद हैं. सट्टा अनुभव और अनुमान के आधार पर लगाया जाता है. ये कई बार सही साबित होता है, तो कई बार गलत. इस बार भी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान जमकर सट्टेबाजी हुई है. सटोरियों ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही बता दिया कि किस राज्य में किस राजनीतिक दल की सरकार बनने जा रही है. इतना ही नहीं किस राज्य में कौन मुख्यमंत्री बनेगा, सट्टा बाजार में ये भी पहले ही तय हो गया था. ऐसे में आइए जानते हैं कि सट्टा बाजार के अनुमान कितने सही साबित हुए हैं.
सट्टा बाजार के अनुमान को जानने से पहले आइए ये जान लेते हैं कि चारों राज्यों के चुनाव परिणामों के रुझान क्या हैं. ताजा अपडेट के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है. वहीं तेलंगाना में कांग्रेस को बढ़त मिली हुई है. काउंटिंग से पहले एग्जिट पोल के नतीजे आए थे. इसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर बताई गई थी. हालांकि, कुछ एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार, तो कुछ में कांग्रेस की सरकार बनेगी, ऐसा अनुमान लगाया गया था. लेकिन अभी तक जो रुझान आए हैं, उससे यही साबित हुआ है कि कुछ को छोड़कर ज्यादातर एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं.
इसके ठीक उलट सट्टा बाजार में बिल्कुल सही अनुमान लगाया गया था. सट्टा बाजार में पहले ही बता दिया गया था कि मध्यप्रदेश में पांचवी बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. बीजेपी को पूर्ण बहुमत को मिल सकती है. इसके साथ ही बीजेपी को 115-117 सीटें मिलने का दावा किया गया, जबकि कांग्रेस को 114-116 सीटें मिलने की बात कही गई. इतना ही नहीं शिवराज सिंह ही मुख्यमंत्री बनेंगे ये भी दावा किया गया है. हालांकि, चुनाव के पहले से ही इस बात पर संशय है कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व उनको मुख्यमंत्री बनाएगा. लेकिन शिवराज ने मध्य प्रदेश में जिस तरह से चुनाव प्रचार किया है, उनकी लोकप्रियता है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि यहां भी सट्टा बाजार का अनुमान सही होगा.
इसी तरह फलोदी सट्टा बाजार (Phalodi Satta Bazar) ने राजस्थान में बीजेपी की सरकार आने की बात कही थी. हालांकि, चुनाव के बाद और एग्जिट पोल से पहले राजस्थान को लेकर सट्टा बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. सट्टा बाजार में पहले बीजेपी की 120 से 122 सीटें आने का आंकलन किया गया था, जो बाद में 110 से 112 पर आ गया. यहां 110 सीटों का भाव 1 रुपए चल रहा था. इसके साथ ही सटोरियों के मुताबिक राजस्थान में वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री बनने की पूरी संभावना हैं. सट्टा बाजार का अनुमान है कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री का चेहरा वसुंधरा राजे के चेहरे के रुप में प्रोजेक्ट ना करके एक बड़ी भूल की है. यदि बीजेपी वसुंधरा राजे को प्रोजेक्ट करती 160 से ज्यादा सीटें मिल सकती थी.
सट्टा बाजार ने छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया था. इसके अनुसार सूबे में बीजेपी को 50 से 52 सीटें मिलने की संभावना थी. वहीं कांग्रेस के लिए 37 से 39 सीटें जीतने का अनुमान लगाया गया था. यहां कुल 90 सीट हैं. ऐसे में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने की बात कही गई थी. क्रिकेट और चुनावों के दौरान सट्टेबाजी के मामले फलोदी सट्टा बाजार के आंकलन को ज्यादा सही माना जाता है. बताते चलें कि फलोदी राजस्थान का एक जिला है. यहां बड़े पैमाने पर सट्टे बाजी की जाती है. यहां के लोग ज्यादातर चुनाव, क्रिकेट और मौसम को लेकर सट्टा लगाते हैं. यहां के सटोरी सटीक आंकलन के लिए जाने जाते हैं. यही वजह है कि फलोदी सट्टा बाजार (Phalodi Satta Bazar) हमेशा से चर्चा में रहता है.
भारत में सट्टेबाजी, उसके खिलाफ कानून और मिलने वाली सजा
भारत में सट्टेबाजी को लेकर कोई देशव्यापी कानून नहीं है. इसे राज्य सरकारों के उपर छोड़ दिया गया है. इसके खिलाफ कानून बनाना राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है. जैसे देश में कई राज्यों में सट्टेबाजी पूरी तरह से बैन है. इनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी शामिल हैं. वहीं कुछ राज्यों में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता मिली हुई है. इनमें गोवा, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कुछ राज्य शामिल हैं. राजस्थान में पब्लिक गैंबलिंग (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत 50 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए जाते हैं. पहले राजस्थान सार्वजनिक जुआ अध्यादेश 1949 के तहत कार्रवाई की जाती थी. अब नए कानून के तहत जुआ-सट्टाघर चलाने वालों के लिए जेल के साथ जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
: केसीआर का उल्टा पड़ा दांव नेशनल पार्टी बनने का सपना !
Sun, Dec 3, 2023
नई दिल्ली
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आज आ रहे हैं. तेलंगाना में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत हासिल करती दिख रही है. तेलंगाना का गठन 2013 में हुआ था. इसके बाद ये तीसरा चुनाव है. इस चुनाव में केसीआर बतौर सीएम हैट्रिक लगाने से चूकते नजर आ रहे हैं. दो बार के सीएम केसीआर के लिए ये बड़ा झटका है. केसीआर की हार के पीछे की मुख्य वजह राष्ट्रीय राजनीति के प्रति उनका झुकाव माना जा रहा है.
केसीआर ने 2018 में विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे मोर्चे की बात की थी. वे 2024 चुनाव से पहले भी अपने इसी फॉर्मूले के तहत विपक्षी गठबंधन INDIA में शामिल नहीं हुए. अक्टूबर 2022 में केसीआर ने अपनी पार्टी टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) को राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए उसका नाम बदल कर बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) कर दिया था.
इतना ही नहीं जब तेलंगाना चुनाव में एक साल से कम समय रह गया था और कांग्रेस-बीजेपी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य में केसीआर के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी थी, तब केसीआर तेलंगाना के बाहर महाराष्ट्र में 700-700 कारों के काफिले के साथ पार्टी का प्रसार करने में जुटे थे. इन रैलियों में उनके साथ पूरी तेलंगाना कैबिनेट भी जाती थी. इतना ही नहीं केसीआर ने अलग अलग राज्यों में जाकर विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात की थी. वे जून में पटना में जाकर नीतीश कुमार से भी मिले थे.
जानकार मानते हैं कि केसीआर खुद को राष्ट्रीय नेता के तौर स्थापित करना चाहते थे. इतना ही नहीं वे तेलंगाना में जीत से आश्वस्त थे, उनका इरादा तेलंगाना की राजनीति में अपने बेटे के टी रामा राव को स्थापित करने का था. रामा राव उनकी सरकार में मंत्री भी थे. लेकिन इस विधानसभा चुनाव में केसीआर का ये दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है. जहां एक ओर वे अपने घर तेलंगाना में सत्ता गंवा बैठे, दूसरी ओर उनकी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को अपने साथ लाने की कोशिश भी सफल होती नहीं दिख रही है.
: बीजेपी मुख्यालय में मनेगा जश्न, कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे मोदी
Sun, Dec 3, 2023
नईदिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम साढ़े छह बजे पहुंच जाएंगे बीजेपी ऑफिस एक बड़ी खबर आपको बता रहे हैं। सूत्रों के हवाले से ये बड़ी खबर कि देखिए पाँच बजे से जश्न मनाना हालांकि जश्न की तस्वीरें अभी से आने लगी हैं बीजेपी दफ्तर के बाहर से लेकिन official तौर पर उस वक्त तक जीत का announcement भी हो चुका होगा और उसके बाद में जो लड्डू बन चुके थे बीजेपी दफ्तर में वो बँटने भी शुरू हो जाएंगे और उसी वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचेंगे। इसके अलावा हो सकता है कि कुछ और भी बड़े चेहरे बीजेपी दफ्तर पहुंचे।
कांग्रेस का सूपड़ा साफ़, मोदी है तो मुमकिन है- केशव प्रसाद मौर्या
चुनावी नतीजों के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने एक्स पर लिखा है, ”कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो रहा है! मोदी है तो मुमकिन है.”
अमित शाह ने वीडी शर्मा को फोन पर दी शुभकामनाएं
मध्य प्रदेश के रुझानों में बीजेपी को बहुमत मिलने के बादकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को फ़ोन कर शुभकामनाएं दी हैं. यहां बीजेपी को 230 सीटों में से 142 और कांग्रेस को 85 सीट मिलती दिख रही हैं. वहीं तीन सीटों पर अन्य आगे हैं.
राजस्थान में कांग्रेस को 42 फीसदी वोट मिले- चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के मुताबिक राजस्थान में कांग्रेस को 42 फीसदी वोट मिले हैं. वहीं बीजेपी को 49 फीसदी वोट मिले हैं. यहां बीजेपी 115 सीटों पर और कांग्रेस 72 सीटों पर आगे है. वहीं अन्य 12 सीटों पर आगे चल रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के रुझानों में बीजेपी को बहुमत
छत्तीसगढ़ में बीजेपी एक बार फिर कांग्रेस से आगे हो गई है. यहां रुझानों में बीजेपी को बहुमत मिल गया है. यहां बीजेपी 48 और कांग्रेस 40 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं दो सीटों पर अन्य आगे चल रहे हैं.
MP में फिर सरकार बनाने जा रही है BJP- सीएम शिवराज सिंह चौहान
वोटों की गिनती के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा है, '''भारत माता की जय, जनता जनार्दन की जय' आज मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं और मुझे विश्वास है कि जनता के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ फिर सरकार बनाने जा रही है.भाजपा के सभी प्रत्याशियों को हृदय से शुभकामनाएं.''