: कांग्रेस का दावा- वचन पत्र से बढ़ रहे हैं कांग्रेस के 3% वोट
Wed, Oct 18, 2023
भोपाल
कांग्रेस का दावा है कि वचन पत्र जारी होने के बाद उसके वोट पिछले चुनाव की तुलना में तीन प्रतिशत वोट बढ़ जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने वचन पत्र को तैयार किया है।
गौरतलब है कि पिछले चुनाव में भाजपा की भले ही सीटें कम आई हो, लेकिन उसका वोट प्रतिशत कांग्रेस से ज्यादा था। इस बार वचन पत्र को तैयार करने में इस बात का खास ख्याल रखा गया। वचन पत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने दावा किया है कि इस बार के वचन पत्र में पार्टी ने जहां लोगों की सुविधाओं, प्रदेश के विकास को समृद्धि का ध्यान रखा है। वहीं यह भी ध्यान रखा कि इस बार वचन पत्र के बाद कांग्रेस का वोट प्रतिशत भी बढ़े। वचन पत्र इस बार घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। वचन पत्र में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और जो वादा कांग्रेस ने किया है वह हर हाल में हमारी सरकार पूरा करेगी।
इससे अब 150 सीटें पार
राजेंद्र कुमार सिंह का दावा है कि वचन पत्र कांग्रेस को अब 150 सीटों तक आसानी से पहुंचा देगा। पिछले चुनाव में हम 114 सीटों पर थे, लेकिन तीन प्रतिशत वोट बढ़ने से हमारी सीट 150 के लगभग पहुंच जाएंगी। जबकि भाजपा 65 से 75 के बीच में सिमट जाएगी। प्रदेश में अब चुनाव का सीन कर्नाटक जैसा होगा।
कितना खर्च होगा इसका भी प्लान है
डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि वचन पत्र में घोषणाओं के साथ ही हमने इस का भी ध्यान रखा है कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था गड़बढ़Þ ना हो। हमने हर योजना और वादे को पूरा करने के लिए उसमें कितनी लागत आएगी, कितना खर्च होगा इसका भी ध्यान रखा है। कोई भी वादा हवा में नहीं हैं, पूरी कार्ययोजना के साथ उसे तैयार कर हमने वादा किया है।
: ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे सिंधिया?
Wed, Oct 18, 2023
ग्वालियर
भाजपा नेतृत्व द्वारा केंद्रीय मंत्री नरेंद सिंह तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते और प्रह्लाद पटेल सहित सात सांसदों को उम्मीदवार बनाकर ये संकेत दे दिए हैं कि इस क्रम में अभी और नेता भी हो सकते हैं इसकी चर्चा में सबसे बड़ा नाम है केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का, वे चुनाव लड़ेंगे कि नहीं, संगठन उन्हें टिकट देगा कि नहीं ये समय आने पर पता चलेगा लेकिन सिंधिया परिवार के खास लोगों में से एक (सिंधिया के साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आये) नेता ने उनके लिए ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से टिकट की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के लिए परिवार से जुड़े नेता ने मांगा टिकट
भाजपा नेता बाल खांडे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए पार्टी नेतृत्व से टिकट की मांग की है, बाल खांडे ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि यदि भाजपा संगठन सिंधिया को चुनाव लड़ाना चाहता है तो उन्हें ग्वालियर दक्षिण से प्रत्याशी बनाया जाये। उन्होंने कहा कि ग्वालियर दक्षिण की आम जनता एवं पार्टी के सभी कार्यकर्ता सिंधिया जी को ग्वालियर दक्षिण सीट से प्रत्याशी बनाये जाने का पुरजोर समर्थन करते हैं।
सिंधिया समर्थक बाल खांडे ने ग्वालियर दक्षिण से प्रत्याशी बनाने की मांग की
बाल खांडे ने कहा कि इस वक्त पार्टी को मजबूती देने के लिए श्रीमंत सिंधिया हर चुनौती को स्वीकार करने की घोषणा पहले ही कर चुके है और ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के विकास के लिए श्रीमंत सिंधिया से बेहतर कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने आगे कहा है कि यदि श्रीमंत सिंधिया ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से चुनाव लडने की स्वीकृति देते हैं तो उन्हें केवल नॉमिनेशन फ़ाइल करने के लिए एक बार आना होगा इसके बाद पूरे चुनाव में इस विधानसभा में प्रचार करने के लिए आने की आवश्यकता होगी।
भाजपा नेता का दावा, सिंधिया का चुनाव क्षेत्र की जनता लड़ेगी, वे जीतेंगे
बाल खांडे ने कहा श्रीमंत सिंधिया का चुनाव ग्वालियर दक्षिण विधानसभा का हर भाजपा कार्यकर्ता एवं इस क्षेत्र की जनता लड़ेंगे। केवल चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आकर वे आम नागरिकों एंव कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देने आएं, इसलिए वे ग्वालियर की जगह प्रदेश में पार्टी के सभी प्रत्याशियों को विजयी बनाने में प्रचार करेंगे तो निश्चित पार्टी को मजबूती मिलेगी।बाल खांडे ने आगे कहा है ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में रहने वाले लोगों को श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया से बहुत लगाव भी है और सभी को उम्मीद है कि सिंधिया जी की जीत के बाद ग्वालियर दक्षिण विधानसभा सभा में विकास बहुत तेजी से होगा।
बाल खांडे सिंधिया परिवार के खास लोगों में से एक हैं
गौरतलब है कि बाल खांडे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास लोगों में से एक हैं, वे मराठा सरदार परिवार से आते हैं उनका सिंधिया परिवार से नजदीकी सम्बन्ध हैं, पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया के समय से बाल खांडे राजनीति में है और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने के बाद से भाजपा में हैं।
इस मांग के साथ सिंधिया के चुनाव लड़ने की उम्मीद बढ़ी
ये सब बातें उल्लेखित करने का आशय ये है कि सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति द्वारा इस तरह की मांग करना ये बताता है कि संभव है ये इशारा सिंधिया की तरफ से ही मिला हो, क्योंकि सिंधिया की मर्जी के बिना उनका कोई भी खास व्यक्ति कोई बात नहीं कहता, यहाँ ये भी ध्यान रखना होगा कि पिछले दिनों एक मैसेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें सिंधिया के कार्यालय की तरफ से कहा गया था कि उन्होंने कभी चुनाव लड़ने से इंकार करने की बात नहीं कही, बहरहाल अब इस बात की कड़ियों को जोड़कर देखें तो इस बात की संभावना और मजबूत हो गई है कि सिंधिया को भी भाजपा नेतृत्व चुनाव मैदान में उतार सकता है?
: मध्य प्रदेश की कई सीटों पर उम्मीदवार बदलने के मूड में कांग्रेस!
Wed, Oct 18, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवीरों की लिस्ट जबसे आई है, तभी से इसका विरोध शुरु हो गया है। एमपी कांग्रेस में बगावत के सुर फूट पडे हैं। बड़े नेताओं में भी सुर अलग-अलग है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी बदल सकती है।
144 उम्मीदवारों की लिस्ट में लगभग 8-10 सीटों पर विरोध कुछ ज्यादा ही है। इनमें से कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के पुतले ही जला दिए गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर ये टिकट बांटे गए हैं। टिकट बंटवारे में किस नेता की सिफारिश चली है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, बल्कि कई बड़े नेता भी दबी जुबान से इस बात को मान रहे हैं कि टिकट बंटवारे में गड़बड़ी हुई है।
इस लिस्ट में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह शिवपुरी की पिछोर सीट से विधायक के.पी. सिंह का है। इस लिस्ट में उनकी सीट बदली गई है। पार्टी ने उन्हें शिवपुरी से उम्मीदवार बनाया है। खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ भी इससे चकित हैं। इस सीट पर बीजेपी छोड़कर आए वीरेंद्र रघुवंशी का नाम आगे चल रहा था। पिछले दिनों जब उनके समर्थकों ने कमलनाथ को घेरा, तो पूर्व मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह का नाम लेकर कह दिया कि जाकर उनके कपड़े फाड़िए।
केपी सिंह के नाम पर भी उठ रहे सवाल
सबसे ज्यादा चर्चाओं में केपी. सिंह का नाम है क्योंकि वह पिछोर से चुनाव जीतते आ रहे हैं. मगर इस बार उन्हें शिवपुरी से उम्मीदवार बना दिया गया है. इससे खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ भी आश्चर्यचकित हैं.
इन सीटों के उम्मीदवारों पर कन्फ्यूजन
इतना ही नहीं कुछ और सीटें हैं जिनकी चर्चा हो रही है इनमें दतिया, छतरपुर जिले की बिजावर, टीकमगढ़ जिले की खरगपुर और निमांड-मालवा की भी दो ऐसी सीटें हैं, जिन पर कांग्रेस नेता यह जान ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर इनका नाम आ कैसे गया है क्योंकि जिले स्तर से जो नाम भेजे गए थे, उन नाम में वह नाम था ही नहीं, जिसे उम्मीदवार बनाया गया है.
सौदेबाजी के लग रहे आरोप
सूत्रों का कहना है कि कुछ बड़े नेताओं ने अपनी मनमर्जी से सर्वे के नाम पर ऐसे लोगों को उम्मीदवार बना दिया है जो कांग्रेस के लिए घातक हैं और पार्टी का जमीनी कार्यकर्ता उससे नाराज है. कई नेता तो खुले तौर पर सौदेबाजी तक के आरोप लगाने में लगे हैं. यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व कुछ नाम में बदलाव करने की तैयारी में है और आने वाले एक-दो दिनों में यह बात सामने भी आ सकती है.
जिन सीटों पर उम्मीदवार बदलने की चर्चा हो रही है, उनमें दतिया, बिजावर, खरगपुर और मालवा-निमाड़ की भी दो ऐसी सीटें हैं, जिन पर कांग्रेस नेता भी नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर इनका नाम कैसे आ गया है। जिला स्तर से जो नाम भेजे गए थे, उन नाम में वह नाम था ही नहीं, जिसे उम्मीदवार बनाया गया है।
सूत्रों की मानें तो कुछ बड़े नेताओं की सर्वे के नाम पर की गई मनमर्जी की वजह से ऐसे लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये लोग कांग्रेस के लिए घातक हैं। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता नाराज हैं। कई नेताओं ने पार्टी पर खुले तौर पर सौदेबाजी का आरोप लगाया है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व कुछ नाम में बदलाव करने की तैयारी में है और आने वाले एक-दो दिनों में यह बात सामने भी आ सकती है।