: तेलंगाना विधानसभा का सत्र आज 3 अगस्त से शुरू होगा
Thu, Aug 3, 2023
हैदराबाद
तेलंगाना विधानमंडल का सत्र आज बृहस्पतिवार से शुरू होगा। यह तेलंगाना विधानसभा के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी सत्र होगा।राज्य विधानसभा चुनावों से पहले होने जा रहे इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार राज्य में बारिश से हुए नुकसान, तेलंगाना राज्य लोक सेवा (टीएसपीएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लीक होने सहित कई मुद्दों को लेकर पहले से ही विपक्षी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशाने पर है।सत्र की अवधि विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में तय की जाएगी।
: 'सहमति से बनाए संबंध, गर्भपात की इजाजत नहीं...', 17 साल की लड़की से बोला HC
Wed, Aug 2, 2023
औरंगाबाद
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 17 साल की नाबालिग लड़की से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला दिया है. नाबालिग लड़की ने कोर्ट से गर्भपात की इजाजत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया. बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कहा कि वह बच्चा सहमति से बनाए गए संबंध का नतीजा है, ऐसे में उस बच्चे को दुनिया में जिंदा आने का हक है.
जस्टिस रवींद्र घुगे और वाईजी खोबरागड़े की बेंच ने 26 जुलाई को यह आदेश दिया. कोर्ट ने देखा कि लड़की इसी महीने 18 साल की होने वाली है. इतना ही नहीं वह दिसंबर 2022 से एक लड़के के साथ सहमति से संबंध बना रही थी.
कोर्ट ने कहा- मर्जी से बनाए संबंध
बेंच ने अपने ऑर्डर में कहा कि पीड़ित लड़की और आरोपी लड़के ने कई बार मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए. कोर्ट ने यह भी लिखा कि लड़की फरवरी में खुद प्रेग्नेंसी किट लाई थी, जिससे चेक करने के बाद उसे प्रेग्नेंसी का पता चला था.
कोर्ट ने कहा, 'लड़की उसके साथ हो रही चीजों से अनजान नहीं थी, उसे पूरी समझ थी. अगर उसे गर्भधारण नहीं करना था तो वह प्रेग्नेंसी की जानकारी होते ही इसे गिराने की इजाजत मांग सकती थी.'
लड़की ने कोर्ट में यह याचिका अपनी मां के जरिए लगाई थी. मां ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत उस बच्चे को गिराने की इजाजत मांगी थी. बता दें कि गर्भावस्था का चिकित्सीय समापन अधिनियम के तहत 20 हफ्ते से ऊपर की प्रेग्नेंसी को गिराने के लिए कोर्ट की इजाजत लेनी होती है. ऐसा उस स्थिति में किया जा सकता है जब प्रेग्नेंसी की वजह से मां या बच्चे की जान या सेहत को खतरा हो.
इस मामले की याचिका में कहा गया था कि प्रेग्नेंसी की वजह से पीड़िता के मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है, जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही थी. बताया गया कि पीड़िता भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती है.
कोर्ट ने साफ कहा कि लड़की को बच्चे को जन्म देना होगा. हालांकि, बाद में वह चाहे तो उसे किसी को गोद दे सकती है. कोर्ट ने लड़की को इसकी छूट दी है.Live TV
: अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में 8 से 10 अगस्त तक होगी चर्चा
Wed, Aug 2, 2023
नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्षी गठबंधन की ओर से पेश अविश्वास प्रस्ताव पर 08 से 10 अगस्त के बीच चर्चा होगी। चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार 10 अगस्त को देंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति में इसका निर्णय लिया गया। सूत्रों के अनुसार विपक्ष की मांग थी कि पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो लेकिन सरकार विधेयकों को प्राथमिकता देने पर अड़ी रही। बाद में विपक्ष ने समिति की बैठक से वॉकआउट किया।
उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदनों में मणिपुर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कराने की मांग करते हुए विपक्ष हंगामा कर रहा है। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हो रही है। विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री स्वयं इसपर सदन में आकर बयान दें। इसी बीच रणनीति के तहत विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाया है। लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है।