: ऑस्ट्रेलिया: गहरे अंतरिक्ष में संचार में सक्षम दूरबीन स्थापित
Thu, Dec 7, 2023
ऑस्ट्रेलिया: गहरे अंतरिक्ष में संचार में सक्षम दूरबीन स्थापित
कैनबरा
ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संचार करने में सक्षम एक नया टेलीस्कोप स्थापित किया गया। आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में क्वांटम ऑप्टिकल ग्राउंड स्टेशन से अंतरिक्ष में डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए अनुकूली ऑप्टिकल तकनीक तथा लेजर का उपयोग करता है, जिससे अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष मिशनों और उसके यात्रियों के साथ संचार और फिल्मांकन की अनुमति मिलती है।
कैनबरा के पश्चिम में ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) माउंट स्ट्रोमलो वेधशाला पर स्थापित यह स्टेशन उन्नत संचार प्रौद्योगिकियों पर अनुसंधान भी करेगा। एएनयू इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस के निदेशक अन्ना मूर ने सरकारी मीडिया ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) को बताया, “वैश्विक संचार के लिए अगली पीढ़ी की क्षमता के मामले में यह विश्व में पहला है।” स्टेशन का निर्माण ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र (एसीटी) की सरकार और ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी की चंद्रमा से मंगल ग्रह की पहल के समर्थन से किया गया है।
ब्रिटेन की नयी वीजा योजना पर भारतीय पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने जताई चिंता
लंदन
ब्रिटेन सरकार की नई वीजा योजना के संबंध में स्पष्टता के अभाव को लेकर भारतीय कुशल पेशेवरों और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने चिंता जताई है।
इससे पहले ब्रिटेन के गृह मंत्री जेम्स क्लेवरली ने संसद में पांच सूत्री योजना पेश की थी, जिसके तहत विदेशी देखभाल कर्मियों पर अपने परिवारों को ब्रिटेन लाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और कुशल श्रमिकों के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 38,700 ब्रिटिश पौंड निर्धारित की जाएगी।
भारतीय मूल के लगभग 80 हजार चिकित्सकों और 55 हजार नर्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रिटेन के सबसे बड़े प्रतिनिधि निकाय ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ऑरिजिन (बीएपीआईओ) के संस्थापक डॉक्टर रमेश मेहता ने कहा, हम स्पष्टीकरण मांगने के लिए तत्काल गृह मंत्री को पत्र लिखेंगे, हमें उम्मीद है कि इस योजना में डॉक्टर और नर्स शामिल नहीं होंगे क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो हम गृह मंत्रालय को बताना चाहते हैं कि भारत से ब्रिटेन आने वाले चिकित्सकों और नर्सों की संख्या जीरो हो जाएगी।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने आगाह किया है कि वेतन सीमा 38,700 पौंड करने से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए 'अनपेक्षित परिणाम' हो सकते हैं।
फिक्की के महासचिव शैलेश पाठक ने कहा, "दुनिया विशेष रूप से आईटी, इंजीनियरिंग और अनुसंधान के क्षेत्र में अत्यधिक कुशल भारतीय पेशेवरों की ओर देख रही है। विदेशी कुशल श्रमिक वीजा के लिए ब्रिटेन की वेतन सीमा को देखते हुए, ऐसे भारतीय पेशेवर निश्चित रूप से अन्य देशों को चुनेंगे और इससे ब्रिटेन में व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियां हतोत्साहित होंगी, क्योंकि ऐसी कंपनियां ब्रिटेन और भारत, दोनों ही देशों के पेशेवरों को रोजगार देती हैं।
नाइजीरिया में सेना के ड्रोन की चूक से हुए हमले में 85 लोगों की मौत, 66 घायल
-राष्ट्रपति ने मामले की गहन जांच के दिए आदेश
अबुजा
उत्तर पश्चिम नाइजीरिया में ड्रोन हमले में 85 लोगों की मौत हो गई और 66 अन्य घायल हो गए। सेना ने इसे हमले को चूक का परिणाम माना है। राष्ट्रपति बोला टिनुबु ने कहा कि देश के संघर्ष वाले क्षेत्र में सेना की गलती से हुई इस घटना बताई और इस हमले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने का आदेश दिया है।
नाइजीरिया राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (एनईएमए) के अनुसार इस हमले में मारे गए लोगों के 85 शव दफनाए जा चुके हैं। तलाशी अभियान जारी है। मारे गए लोगों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग थे। ये लोग पैगंबर मुहम्मद मावलिद अल-नबी का जन्मदिन मनाने के लिए जुटे थे। सरकार और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि रविवार रात कडुना प्रांत के तुदुन बीरी गांव में आतंकियों और डाकुओं को निशाना बनाकर ड्रोन से हमला किया गया।
दशकों से उत्तरी हिस्से को अस्थिर करने वाले चरमपंथियों और विद्रोहियों पर नाइजीरियाई सेना अक्सर हवाई हमले करती है, जिसमें नागरिक भी हताहत होते हैं। जनवरी में नसरवा प्रांत में दर्जनों लोग मारे गए और दिसंबर 2022 में जामफारा प्रांत में भी दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। लागोस स्थित एसबीएम इंटेलिजेंस सुरक्षा फर्म के अनुसार, 2017 के बाद से देश के उत्तर में सशस्त्र समूहों पर किए गए हवाई हमलों में लगभग 400 नागरिक मारे गए।
: गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं : दुजारिक
Thu, Dec 7, 2023
इजराइल के सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी को नभ से थल तक घेरा, खान यूनिस में घमासान
गाजा/तेल अवीव
इजराइल और फिलिस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास के बीच गाजा पट्टी में छिड़ा युद्ध 61वें दिन और तेज हो गया। इजराइली सुरक्षा बलों ने दक्षिणी गाजा के सबसे बड़े शहर खान यूनिस को चारों ओर से घेरकर भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।
सुरक्षा बलों की प्राथमिकता खान यूनिस में बनाई गई सुरंगों में छुपे हमास के कमांडरों को निशाना बनाना है। रात को कम से कम चार कमांडरों और कई गुर्गों को ढेर कर दिया गया।
यहां के प्रमुख अखबार द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार इजराइली सुरक्षा बल स्कूलों और अस्पतालों में बनाई गई सुरंगों में छुपे आतंकवादियों को खोज-खोज कर मार रहे हैं। रॉकेट, मोर्टार और मिसाइलें दागी जा रही हैं। कुछ देर पहले उत्तरी वेस्ट बैंक में इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के साथ संघर्ष में दो फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध के बाद गाजा को विसैन्यीकृत करना बहुत जरूरी है। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) पर भरोसा है वह ऐसा कर दिखाएंगे।
अखबार के अनुसार हमले में लेबनानी सैनिक की मौत पर आईडीएफ ने माफी मांगी है। आईडीएफ ने कहा है कि सैनिक हिजबुल्लाह पोस्ट पर एक वास्तविक खतरे को बेअसर करने के लिए काम कर रहे थे। लेबनानी सेना लक्ष्य पर नहीं थी। आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने कहा कि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया गया है। बलों ने यहां उत्तरी गाजा पट्टी ब्रिगेड के कई हमास कमांडरों और गुर्गों को मार गिराया है। यह लोग अस्पताल के पास स्थित एक सुरंग में छुपे थे।
आईडीएफ ने कहा है कि दक्षिणी गाजा को दी जाने वाली मानवीय सहायता के धीमी होने के लिए संयुक्त राष्ट्र जिम्मेदार है। आईडीएफ अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए लड़ाई लड़ रहा है। इस लड़ाई में हमास की सबसे बड़ी गाजा ब्रिगेड के चार बटालियन कमांडरों को मार गिराया गया है।
गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं : दुजारिक
संयुक्त राष्ट्
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा में कोई भी सुरक्षित क्षेत्र नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यह बात कही। दुजारिक ने एक ब्रीफिंग में कहा 'गाजा में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित कोई सुरक्षित क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि महासचिव सहित मेरे सभी वरिष्ठ सहयोगियों ने बहुत स्पष्ट कहा है कि गाजा में कोई सुरक्षित स्थान नहीं है,'। ऐसे आश्रय स्थल हैं जो संयुक्त राष्ट्र का झंडा फहराते हैं। लेकिन हमने संघर्ष की शुरुआत से देखा है कि वे स्थान जो संयुक्त राष्ट्र का झंडा फहराते हैं वे भी सुरक्षित नहीं हैं।' दुजारिक ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर की टिप्पणी के संबंध में एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि गाजा में लोगों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित जगहों में जाना चाहिए जो कि इजरायली सूची में 'विसंघर्ष क्षेत्र' के रूप में सूचीबद्ध हैं जो सैन्य अभियानों का लक्ष्य नहीं होना चाहिए।
गाजा में इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,248 हुई
गाजा
गाजा पट्टी पर इजरायली बमबारी में सात अक्टूबर से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गई है और अन्य 43,616 लोग घायल हुए हैं। एन्क्लेव सरकार के सूचना केंद्र ने यह जानकारी दी। बयान में कहा गया, 'अस्पतालों में भर्ती शवों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गई है। लापता व्यक्तियों की संख्या जो मलबे में दबे हो सकते हैं, 7,600 तक पहुंच गई है, घायलों की संख्या 43,616 तक पहुंच गई है।'
बढ़ते मरीजों की संख्या से अस्पतालों पर बढ़ रहा दवाब : अशरफ
अशरफ अल-किदरा के अनुसार गाजा पट्टी के सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या उनकी चिकित्सा और बिस्तर क्षमताओं से ज्यादा है, गंभीर मामलों को संभालने के लिए आवश्यक सर्जिकल संसाधनों की कमी है। जिसके चलते अन्य देशों में भी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। अशरफ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारी संख्या में लोगों को उपचार के लिए विदेश भेजा जाना था लेकिन इजरायल-हमास संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक केवल 403 लोगों को ही उपचार के लिए अन्य देशों में भेजा गया है। उन्होनें कहा कि ये गंभीर विषय है। लोगों को उपचार कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। मरीजों की इस तरह से अनदेखी मानवता को बेहद शर्मसार करने वाली है।
: इजराइल के सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी को नभ से थल तक घेरा, खान यूनिस में घमासान
Thu, Dec 7, 2023
इजराइल के सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी को नभ से थल तक घेरा, खान यूनिस में घमासान
गाजा/तेल अवीव
इजराइल और फिलिस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास के बीच गाजा पट्टी में छिड़ा युद्ध 61वें दिन और तेज हो गया। इजराइली सुरक्षा बलों ने दक्षिणी गाजा के सबसे बड़े शहर खान यूनिस को चारों ओर से घेरकर भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।
सुरक्षा बलों की प्राथमिकता खान यूनिस में बनाई गई सुरंगों में छुपे हमास के कमांडरों को निशाना बनाना है। रात को कम से कम चार कमांडरों और कई गुर्गों को ढेर कर दिया गया।
यहां के प्रमुख अखबार द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार इजराइली सुरक्षा बल स्कूलों और अस्पतालों में बनाई गई सुरंगों में छुपे आतंकवादियों को खोज-खोज कर मार रहे हैं। रॉकेट, मोर्टार और मिसाइलें दागी जा रही हैं। कुछ देर पहले उत्तरी वेस्ट बैंक में इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के साथ संघर्ष में दो फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध के बाद गाजा को विसैन्यीकृत करना बहुत जरूरी है। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) पर भरोसा है वह ऐसा कर दिखाएंगे।
अखबार के अनुसार हमले में लेबनानी सैनिक की मौत पर आईडीएफ ने माफी मांगी है। आईडीएफ ने कहा है कि सैनिक हिजबुल्लाह पोस्ट पर एक वास्तविक खतरे को बेअसर करने के लिए काम कर रहे थे। लेबनानी सेना लक्ष्य पर नहीं थी। आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने कहा कि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया गया है। बलों ने यहां उत्तरी गाजा पट्टी ब्रिगेड के कई हमास कमांडरों और गुर्गों को मार गिराया है। यह लोग अस्पताल के पास स्थित एक सुरंग में छुपे थे।
आईडीएफ ने कहा है कि दक्षिणी गाजा को दी जाने वाली मानवीय सहायता के धीमी होने के लिए संयुक्त राष्ट्र जिम्मेदार है। आईडीएफ अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए लड़ाई लड़ रहा है। इस लड़ाई में हमास की सबसे बड़ी गाजा ब्रिगेड के चार बटालियन कमांडरों को मार गिराया गया है।
गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं : दुजारिक
संयुक्त राष्ट्
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा में कोई भी सुरक्षित क्षेत्र नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यह बात कही। दुजारिक ने एक ब्रीफिंग में कहा 'गाजा में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित कोई सुरक्षित क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि महासचिव सहित मेरे सभी वरिष्ठ सहयोगियों ने बहुत स्पष्ट कहा है कि गाजा में कोई सुरक्षित स्थान नहीं है,'। ऐसे आश्रय स्थल हैं जो संयुक्त राष्ट्र का झंडा फहराते हैं। लेकिन हमने संघर्ष की शुरुआत से देखा है कि वे स्थान जो संयुक्त राष्ट्र का झंडा फहराते हैं वे भी सुरक्षित नहीं हैं।' दुजारिक ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर की टिप्पणी के संबंध में एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि गाजा में लोगों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित जगहों में जाना चाहिए जो कि इजरायली सूची में 'विसंघर्ष क्षेत्र' के रूप में सूचीबद्ध हैं जो सैन्य अभियानों का लक्ष्य नहीं होना चाहिए।
गाजा में इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,248 हुई
गाजा
गाजा पट्टी पर इजरायली बमबारी में सात अक्टूबर से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गई है और अन्य 43,616 लोग घायल हुए हैं। एन्क्लेव सरकार के सूचना केंद्र ने यह जानकारी दी। बयान में कहा गया, 'अस्पतालों में भर्ती शवों की संख्या बढ़कर 16,248 हो गई है। लापता व्यक्तियों की संख्या जो मलबे में दबे हो सकते हैं, 7,600 तक पहुंच गई है, घायलों की संख्या 43,616 तक पहुंच गई है।'
बढ़ते मरीजों की संख्या से अस्पतालों पर बढ़ रहा दवाब : अशरफ
अशरफ अल-किदरा के अनुसार गाजा पट्टी के सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या उनकी चिकित्सा और बिस्तर क्षमताओं से ज्यादा है, गंभीर मामलों को संभालने के लिए आवश्यक सर्जिकल संसाधनों की कमी है। जिसके चलते अन्य देशों में भी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। अशरफ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारी संख्या में लोगों को उपचार के लिए विदेश भेजा जाना था लेकिन इजरायल-हमास संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक केवल 403 लोगों को ही उपचार के लिए अन्य देशों में भेजा गया है। उन्होनें कहा कि ये गंभीर विषय है। लोगों को उपचार कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। मरीजों की इस तरह से अनदेखी मानवता को बेहद शर्मसार करने वाली है।