: भूकंप के झटके से कांप उठा फैजाबाद, रिक्टर पैमाने पर 4.4 रही तीव्रता
Mon, Dec 11, 2023
फैजाबाद
सोमवार तड़के अफगानिस्तान के फैजाबाद में 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किए गए। भूकंप सोमवार सुबह 07:08 बजे (IST) आया । राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 158 किलोमीटर की गहराई पर था।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) देश में भूकंप गतिविधि की निगरानी के लिए भारत सरकार की नोडल एजेंसी है । एनसीएस 155 स्टेशनों का एक राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क रखता है, जिनमें से प्रत्येक में अत्याधुनिक उपकरण हैं।
दस दिनों के अंदर दो बार भूकंप के झटके किए गए महसूस
गौरतलब है कि अगस्त महीने में दस दिनों के अंदर अफगानिस्तान में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।अगस्त महीने में 18 अगस्त को सबसे पहले 4.5 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए। अफगानिस्तन की राजधानी काबुल से करीब 423 किलोमीटर पश्चिम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का समय 9:16 बजे था, जो 100 किलोमीटर की गहराई पर आया था।
वहीं, अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर भूकंप के झटके लगे। भूकंप की गइराई 173 किलोमीटर नीचे थी।
: अफगानिस्तान के फैजाबाद में भूकंप, तीव्रता 4.4 मापी गई
Mon, Dec 11, 2023
फैजाबाद
सोमवार तड़के अफगानिस्तान के फैजाबाद में 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किए गए। भूकंप सोमवार सुबह 07:08 बजे (IST) आया । राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 158 किलोमीटर की गहराई पर था।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) देश में भूकंप गतिविधि की निगरानी के लिए भारत सरकार की नोडल एजेंसी है । एनसीएस 155 स्टेशनों का एक राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क रखता है, जिनमें से प्रत्येक में अत्याधुनिक उपकरण हैं।
दस दिनों के अंदर दो बार भूकंप के झटके किए गए महसूस
गौरतलब है कि अगस्त महीने में दस दिनों के अंदर अफगानिस्तान में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।अगस्त महीने में 18 अगस्त को सबसे पहले 4.5 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए। अफगानिस्तन की राजधानी काबुल से करीब 423 किलोमीटर पश्चिम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का समय 9:16 बजे था, जो 100 किलोमीटर की गहराई पर आया था।
वहीं, अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर भूकंप के झटके लगे। भूकंप की गइराई 173 किलोमीटर नीचे थी।
: साल 2023 के पहले छह महीनों में 42,000 लोगों ने कनाडा छोड़ा
Mon, Dec 11, 2023
ओटावा
भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों के लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में विदेशों में बसते हैं। कनाडा खास तौर पर पंजाब के लोगों को लुभाता रहा है, मगर अब यहां रहने का मतलब है अपनी जेब को और ढीली करना। घरों के बढ़ते किराये की वजह से कई लोग अब कनाडा छोड़ कर जा रहे हैं। साल 2023 के पहले छह महीनों में लगभग 42,000 लोगों ने कनाडा छोड़ दिया। इसके पीछे की वजह जस्टिन ट्रूडो सरकार की कमजोर नीतियां और जीवन यापन की बढ़ती लागत बताई जा रही है। हाल ही में आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर किए गए दावे के बाद कनाडा और भारत के बीच तल्खियां बढ़ गई हैं, जिसका प्रभाव भारत से कनाडा जाने वाले लोगों पर जरूर पड़ा है। अब रिपोर्ट सामने आ रही है कि कनाडा में आम लोगों के लिए गुजारा करना काफी मुश्किल हो गया है।
हजारों की संख्या में कनाडा छोड़ रहे लोग
रॉयटर्स समाचार एजेंसी से बात करने वाले लोगों ने कहा कि जीवन यापन की उच्च लागत उनके लिए कनाडा में रहना मुश्किल बना रही है। बता दें कनाडा में उम्रदराज आबादी है और वहां की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक प्रवासियों पर निर्भर है, वहीं लोगों का कनाडा को छोड़ कर जाना अर्थव्यवस्था पर गहरी मार साबित हो सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 के पहले छह महीनों में लगभग 42,000 लोगों ने कनाडा छोड़ दिया है। वहीं पिछले साल 2022 में यह आंकड़ा 93,818 था बात करें साल 2021 की तो 85,927 लोगों ने कनाडा छोड़ दिया।
सैलरी का 30 प्रतिशत चुकाते हैं किराया
कई लोग अपनी सैलरी का 30 प्रतिशत हिस्सा केवल घर के किराये के तौर पर चुका रहे हैं। रॉयटर्स से बात करते हुए हांगकांग से आईं 25 वर्षीय कारा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वह पूर्वी टोरंटो के स्कारबोरो में एक कमरे वाले बेसमेंट अपार्टमेंट के किराए के लिए 650 ($474) कनाडाई डॉलर का भुगतान करती हैं, जो उनकी सैलरी का लगभग 30 प्रतिशत है।
कारा का कहना है कि वह हांगकांग में अपनी महीने की सैलरी का लगभग एक तिहाई बचाने में सक्षम थीं। आवास की आसमान छूती लागत ने उनकी तकलीफों को बढ़ा दिया है। कारा की तरह कई लोगों के लिए कनाडा के स्थायी निवास में रहने में अब मुश्किल होने लगी है। यही कारण है कि लोग अब कनाडा छोड़ कर जाने लगे हैं। ऐसे लोग नए देशों में रहने के अपने फैसले के लिए कनाडा में घरों के किराये की आसमान छूती कीमतों को सबसे बड़ा कारण मानते हैं।
आरबीसी ने सितंबर की एक रिपोर्ट में कहा कि कनाडा में औसतन घरेलू आय का लगभग 60% घर चलाने के लिए आवश्यक होगा, यह आंकड़ा वैंकूवर के लिए लगभग 98% और टोरंटो के लिए 80% तक बढ़ जाता है। पिछले महीने ट्रूडो की सरकार ने आवास बाजार पर दबाव कम करने के लिए 2025 से प्रतिवर्ष नए निवासियों के लिए किराये की कीमत को कम करने के लिए कहा था लेकिन कुछ लोगों के लिए दो साल का इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा है।