: देश के इन 5 राज्यों में सबसे ज्यादा लोगों ने की खुदकुशी, सामने आईं ये वजहें, देखें NCRB रिपोर्ट
Wed, Sep 13, 2023
नई दिल्ली
भारत के एजुकेशन हब कहे जाने वाले राजस्थान के कोटा में आत्महत्याओं का दौर जारी है। इसी बीच राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB के आंकड़ों ने देश के अन्य राज्यों की स्थिति का भी खुलासा किया है। NCRB के अनुसार, देश में आत्महत्या के 50 प्रतिशत से अधिक मामले पांच प्रमुख राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में दर्ज किए जाते हैं।NCRB के अनुसार, 2021 में देश में आत्महत्याएं के मामलों की कुल संख्या 1,64,033 थी। रिपोर्ट ने अगस्त 2022 में इस चौंकाने वाले डेटा का खुलासा किया। सोलास नामक एक गैर-लाभकारी गैर सरकारी संगठन (NGO) ने यहां एक मीडिया सम्मेलन के दौरान भारत सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आंकड़े चिंताजनक हैं, 2021 में देश में दर्ज की गई आत्महत्याओं में 7.2 प्रतिशत की चिंताजनक वृद्धि हुई है और कुल संख्या 1,64,033 मामलों तक पहुंच गई है।इन दुखद घटनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्य रूप से पांच राज्यों, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है, कुल मिलाकर, सभी आत्महत्याओं के 50.4 प्रतिशत मामले देश के इन पांच राज्यों में दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार, आत्महत्या कई कारकों से हो सकती है, जैसे किसी के पेशे या करियर से संबंधित मुद्दे, अलगाव की भावना, दुर्व्यवहार, हिंसा, पारिवारिक संघर्ष, मानसिक स्वास्थ्य विकार, शराब की लत, वित्तीय असफलताएं, क्रोनिक दर्द, और भी बहुत कुछ।सोलास संकटग्रस्त लोगों को परामर्श देकर आत्महत्या से निपटने का प्रयास कर रहा है। इसने कहा कि एनसीआरबी केवल पुलिस को रिपोर्ट किए गए मामलों से आत्महत्याओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करता है। आत्महत्या के मामलों से निपटने के लिए काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों और विशेषज्ञों का मानना है कि आत्महत्या के विचार वाले व्यक्ति अपने जीवन को समाप्त करने की इच्छा के बजाय अपने दर्द से राहत चाहते हैं।प्रसिद्ध मनोचिकित्सक जय रंजन राम ने रविवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के वार्षिक समारोह को चिह्नित करने के लिए लाइफलाइन फाउंडेशन के सोलास का अनावरण किया, जो आत्महत्या से बचे लोगों और उनके परिवारों के लिए एक नई सहायता समूह पहल है। यहां प्रेस क्लब, कोलकाता में अनावरण कार्यक्रम में एक पैनल चर्चा भी हुई, जिसमें किसी प्रियजन की आत्महत्या के परिणामस्वरूप हुए आघात से निपटने में लोगों की मदद करने में सहायता समूहों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।लाइफलाइन फाउंडेशन की ओर से संस्थापक और निदेशक सुक्षम सिंह ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति से जूझ रहे व्यक्ति संगठन के अनुभवी स्वयंसेवकों के साथ अपनी भावनाओं को खुलकर साझा कर सकते हैं।
: आयुर्वेदिक डॉक्टर के उपचार के दौरान महिला की मौत
Tue, Sep 12, 2023
बिलासपुर
बिलासपुर में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के उपचार से महिला की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ऐलोपैथिक पद्धति से इलाज कर रहा था। जिसके चलते महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और उसने दम तोड़ दिया।इसके बाद शव ऑटो में रखकर दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। महिला की मौत का पता चलते ही परिजनों ने हंगामा कर दिया। फिलहाल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक कमेटी गठित की है।जानकारी के मुताबिक, सिरगिट्टी क्षेत्र के मन्नाडोल निवासी 65 वर्षीय कालिंद्री बाई सूर्यवंशी की तबीयत रविवार को बिगड़ गई। उसे लगातार उल्टी, दस्त हो रहे थे। परिजन उसे सोमवार सुबह गंभीर हालत में तिफरा के काली मंदिर के पास स्थित संजीवनी क्लीनिक लेकर पहुंचे। यहां अस्पताल संचालक आयुर्वेदिक चिकित्सक नितिन वी योगी क्लीनिक में नहीं थे। नर्स व कंपाउंडर ने महिला का इलाज किया। फिर डाक्टर को इसकी जानकारी दी।
इंजेक्शन लगाते ही बीपी डाउन हुआ, मुंह से निकलने लगा झाग
कुछ देर बाद डॉक्टर नितिन भी क्लीनिक पहुंए गए। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन देने के साथ ही स्लाइन चढ़ाया। दोबारा जांच करने पर पता चला कि कालिंद्री का बीपी डाउन होने लगा है। देखते ही देखते उसके मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों से कहा गया कि महिला की हालत गंभीर है। उसे दूसरे अस्पताल ले जाओ, यहां सुविधा नहीं है।
महिला की मौत की जानकारी होने पर परिजनों ने मचाया हंगामा
डॉक्टर ने अपने स्टाफ से ऑटो बुलाकर कालिंद्री बाई के शव को रखवा दिया। वहीं महिला की मौत होने की भनक परिजनों को लग गई। उन्होंने महिला को दूसरे अस्पताल लेकर जाने के बजाए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इलाज में लापरवाही से महिला की मौत हुई है। अब मामले को दबाने के लिए उसे दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है। ।
: सरकार का मोबाइल यूजर्स के लिए अलर्ट!
Tue, Sep 12, 2023
नई दिल्ली
सरकार ने एक वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी की है और इससे सावधान रहने को कहा है. इस खतरनाक Ransomware का नाम Akira है. यह यूजर्स के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यह यूजर्स की पर्सनल डिटेल्स चुराकर यूजर्स से रुपयों की मांग भी कर सकते हैं. रुपये ना देने पर यूजर्स को अलग -अलग तरीकों से ब्लैकमेल किया जा सकता है. हैकर्स इस डेटा को डार्क वेब पर बेंच सकते हैं.सरकारी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-in) ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें इंटरनेट पर आए नए वायरस से सावधान रहने को कहा है. यह वायरस सबसे पहले विंडोज और Linux सिस्टम पर चलने वाले सिस्टम को टारगेट करता है.CERT-In की एडवाइजरी में बताया है कि रैनसमवेयर ग्रुप VPN सर्विस के माध्यम से विक्टिम के कंप्यूटर के डाटा का एक्सेस ले लेता है. खासकर उस डेटा तक जल्दी पहुंच बना लेता है, जहां मल्टीलेयर ऑथेंटीकेसन को इनेबल नहीं किया जाता है. हैकिंग के लिए हैकर्स कुछ खास टूल्स जैसे AnyDesk, WinRAR, और PCHunter का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस टूल्स की मदद से डिवाइस का पूरा एक्सेस मिल जाता है, जिसकी मदद से हैकर्स डिवाइस को रिमोटली एक्सेस कर पाएंगे.
कैसे काम करता है Akira
Akira वायरस के काम करने के तरीके बताते हैं. पहले यह वायरस इनफेक्टेड डिवाइस पर से Windows Shadow Volume को डिलीट करता है. इसके बाद कुछ एक्सटेंशन के साथ कुछ फाइल को इनक्रिप्ट करता है, जिसमें akira एक्सटेंशन को शामिल किया जाता है.
कैसे रहें सुरक्षित
Akira वायरस से सुरक्षा के लिए जरूरी है कि यूजर्स बेसिक हाइजीन का ध्यान रखें. साथ ही प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल को फॉलो करें. यूजर्स को ऑफलाइन बैकअप पर भी ध्यान देने की जरूरत है. यूजर्स को रेगुलरली ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें.
खतरे में हैं ये एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स
एजेंसी ने बताया है कि एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ी खामियों के चलते उन स्मार्टफोन यूजर्स को नुकसान पहुंच सकता है, जिनके फोन Android 11, Android 12 या Android 13 पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा Android 12L आधारित OS पर काम करने वाले टैबलेट्स और फोल्डेबल स्मार्टफोन्स पर भी इन खामियों के चलते हैकिंग और अटैक का खतरा मंडरा रहा है। इन डिवाइसेज में अटैकर्स रिमोट कोड के जरिए सेंध लगा सकते हैं।
इन सिस्टम्स में मौजूद हैं बड़ी खामियां
वेबसाइट पर दी गई जानकारी की मानें तो एंड्रॉयड फोन्स में फ्रेमवर्क, सिस्टम, गूगल प्ले सिस्टम, क्वालकॉम कंपोनेंट्स और क्वालकॉम क्लोज्ड-सोर्स कंपोनेंट्स से जुड़ी कई खामियां मौजूद हैं। इन खामियों का फायदा हैकर्स और अटैकर्स को मिल सकता है और वे टारगेट सिस्टम को अलग-अलग ढंग से नुकसान पहुंचा सकते हैं। यूजर्स से जुड़ी जानकारी चोरी करते हुए उसके बैंक अकाउंट तक सेंध लगाई जा सकती है या फिर उसे स्कैम्स का शिकार बनाया जा सकता है।
यह है खुद को सुरक्षित रखने का तरीका
गूगल समय-समय पर अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट्स देता रहता है, जिससे इसमें मौजूद बग्स और खामियों को फिक्स किया जा सके। आपको हमेशा अपना फोन लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर चलाना चाहिए और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन इंस्टॉल कर लेना चाहिए। साथ ही ऐप्स भी अपडेट रखना जरूरी है। ध्यान रहे, कभी थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स या अन्य सोर्सेज के जरिए ऐप्स डाउनलोड ना करें। साथ ही अनजान लिंक्स पर क्लिक करने की गलती भी ना करें।